Top 05+ Tech Myths in Hindi

टेक्नोलॉजी समय के साथ काफ़ी तेजी से बढ़ रही है जिसमें हम सभी लोग किसी न किसी तरह से जुड़े हुए हैं ज्यादातर सभी लोगों को टेक्नोलॉजी से सम्बंधित नए चीजों के बारे में सुनना उनके बारे में जानना पसंद है लेकिन टेक्नोलॉजी से सम्बंधित कई सारे ऐसे गलत धारणाएँ हैं जिन्हें हम बचपन से सुनते आ रहे है और हम इन्हें सच समझते हैं लेकिन वास्तव में ये केवल मिथ है। आज टेक्नोलॉजी से सम्बंधित कुछ ऐसे मिथकों के बारे में जानेंगे इनके बारे में जानकार आपको काफ़ी आश्चर्य होगा।Top 20 Tech Myths Busted

Top 05+ Tech Myths

1 Megapixel

जब भी कैमरा की बात जाती है तो कैमरा का मेगापिक्सेल बहुत मायने रखता है कई लोगों का यह मानना है की जितना ज्यादा कैमरा का मेगापिक्सेल होगा उतना बेहतर कैमरा क्वालिटी होता है लेकिन ऐसा बिलकुल नही है यह एक गलत धारणा है। कैमरा की क्वालिटी केवल मेगापिक्सेल पर निर्भर नही है बल्कि और भी कई सारी चींजें हैं जैसे कैमरा का अपर्चर, सेंसर इत्यादि।

2No Virus in mac

कई सारे कंप्यूटर यूजर यह समझते हैं की एप्पल के कंप्यूटर में वायरस नही आते हैं यह भी पूरी तरह से गलत धारणा है। लेकिन यह बात सही है की एप्पल के कंप्यूटर में विंडोज कंप्यूटर की तुलना में कम वायरस अटैक होते हैं इसका मुख्य कारण यह की विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम वाले यूजर मैक ऑपरेटिंग से अधिक है इसलिए  हैकर ज्यादातर विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम को ज्यादा टारगेट करते हैं।

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3Phone Charger

कई स्मार्टफोन यूजर अपने फोन को केवल अपने स्मार्टफोन के साथ जो चार्जर मिला था उसी से चार्ज करते हैं और उनकी यह धारणा हैं की अगर किसी दुसरे चार्जर का उपयोग करेंगे तो बैटरी ख़राब हो जायेगी लेकिन यह पूरी तरह से गलत धारणा है।

आप अपने फोन को किसी दुसरे कंपनी के चार्जर से भी चार्ज कर सकते हैं बस आपको यह ध्यान में रखना है की दुसरे कंपनी के चार्जर और आपके चार्जरक ही स्पेसिफिकेशन हो।

4Private Mode

सभी ब्राउज़र में प्राइवेट ब्राउज़िंग या इकोग्निटो मोड दिया हुआ होता है कई लोग यह समझते हैं की प्राइवेट ब्राउज़िंग या इकोग्निटो मोड आप्शन का उपयोग करने से हम जो कुछ भी करेंगे वो किसी को पता नही चलेगा लेकिन ऐसा नही है यह केवल एक मिथ है। प्राइवेट ब्राउज़िंग या इकोग्निटो मोड उपयोग करने के बाद भी आपको वेबसाइट ट्रैक कर सकती हैं, आपके इन्टरनेट सर्विस प्रोवाइडर आपकी एक्टिविटी को देख सकते हैं।

अगर आप प्राइवेट ब्राउज़िंग आप्शन का उपयोग करते हैं तो सिर्फ आपके ब्राउज़र में ब्राउज़िंग हिस्ट्री, कूकीज वैगरा सेव नही होता है।

5Overcharging

कई सारे स्मार्टफोन यूजर एक सिमित समय तक ही स्मार्टफोन की बैटरी को चार्ज करते हैं वे कभी भी ओवर चार्जिंग नही करते हैं वो समझते हैं की ओवर चार्जिंग करने से बैटरी जल्दी ही ख़राब होती है या बैटरी फट जाती है लेकिन यह एक मिथ है।

6Mobile Phone Network Strength

हम में ज्यादातर स्मार्टफोन यूजर अपने स्मार्टफोन के नेटवर्क बार/ डंडे को देख कर कनेक्टिविटी स्ट्रेंथ का पता लगाते हैं हम में ज्यादातर लोग यह समझते हैं की जितने ज्यादा बार उतना ही बेहतर नेटवर्क लेकिन ऐसा बिलकुल नही है यह एक गलत धारणा है। स्मार्टफोन में दिए गए नेटवर्क बार टावर की दुरी को दर्शाती हैं।

7Cell phone Causes Cancer

काफ़ी सारे स्मार्टफोन यूजर यह समझते हैं की स्मार्टफोन के ज्यादा इस्तेमाल से कैंसर होता है लेकिन यह केवल एक मिथ है इस बात को लेकर कई बार रिसर्च हो चूका है लेकिन अभी तक ऐसा मामला नही आया इसलिए आप बिना डरे स्मार्टफोन का इस्तेमाल करें। स्मार्टफोन के इस्तेमाल से कैंसर नही होता हैं।

8Computer Refresh

आपने कई बार कई लोगों को देखा होगा की जब भी वे कंप्यूटर स्टार्ट करते हैं और स्टार्ट करने के बाद कंप्यूटर को रिफ्रेश करना शुरू कर देते है और वो समझते हैं की ऐसा करने से हमारा कंप्यूटर तेजी से काम करने लगेगा लेकिन ऐसा कुछ नही यह केवल एक गलत धारणा है। कंप्यूटर को रिफ्रेश करने से कंप्यूटर तेजी से काम नही करता है। रिफ्रेश का आप्शन स्क्रीन में दिख रहे आइकॉन को रि-डिस्प्ले करता है।

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इस आर्टिकल में हमने 05 से अधिक tech myths के बारे में जाना। इस आर्टिकल को समय समय पर अपडेट किया जायेगा और ऐसे ही कई सारे tech myths के बारे में जानने को मिलेगा इसलिए हिंदी टिप्स दुनियाँ से जुड़े रहें। मैं उम्मीद करता हूँ की यह पोस्ट आप लोगो को पसंद आया होगा अगर आप लोगो को यह आर्टिकल पसंद आया हो तो सोशल मीडिया शेयर जरुर करें।

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