What is Virtual ID, वर्चुअल आईडी क्या है

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What is Virtual ID, वर्चुअल आईडी क्या है

अगर आप भारतीय नागरिक है तो आप आधार कार्ड के बारे में अवश्य जानतें होंगे और आधार कार्ड कितना उपयोगी है यह भी जानते होंगे। आज के समय में हर भारतीय के लिए आधार कार्ड का होना बहुत ही आवश्यक है। हर क्षेत्र में आधार कार्ड को लिंक किया जा रहा है चाहे वो बैंकिंग हो या फिर मोबाइल नंबर ताकि नकली पहचान को आसानी से समाप्त किया जा सके और सरकारी और गैर सरकारी सेवाओं का उचित लाभ सभी लोगों को मिल सके, इसके साथ साथ आधार कार्ड के और भी कई सारे लाभ है लेकिन आये दिन कई ख़बरें आती रहती हैं की आधार कार्ड का डेटाबेस लीक हो गया, या फिर किसी कंपनी ने नागरिकों के आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल कर लिया। इन सभी कारणों की वजह से आधार कार्ड के डेटा की गोपनीयता के उपर कई सवाल उठ रहे थे। इन सभी परेशनियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआडीएआई) ने एक ठोस कदम उठाया है जिसे वर्चुअल आईडी कहा गया है। इस आर्टिकल में हम वर्चुअल आईडी के बारे में, और इससे सम्बंधित और भी कई सारी चींजों के बारे में जानेंगे।What is Virtual ID

Virtual ID

आजकल समान्यतौर पर किसी सुविधा का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड का नंबर देना होता है चाहे वो सरकारी सेवाएँ हो या गैर सरकारी सेवाएँ इस वजह से कई बार आधार कार्ड के डेटा लीक होने का खतरा बना होता है। इस वजह से भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण पिछले कई महीनों से आधार कार्ड के डेटा को सिक्योर करने के कोशिश में लगी हुई है हाल ही में (यूआडीएआई) ने एक नया कॉन्सेप्ट पेश किया है जिसका जिसे वर्चुअल आईडी कहा गया है।

What is Virtual ID

वर्चुअल आईडी आधार कार्ड के मदद से genrate किया गया 16 अंको का नंबर है जिसे हम आधार कार्ड के जगह इस्तेमाल कर सकते हैं। किसी भी सेवाओं को प्राप्त करने के लिए अब आधार कार्ड नंबर देने की जरूरत नही है इसके जगह पर हम हमारे द्वारा genrate किये गए 16 अंको का नंबर दे कर सत्यापित कर सकते हैं और तमाम सेवाओं का लाभ उठा सकते है।

How to genrate Virtual ID

वर्चुअल आईडी, 16 अंको के नंबर को आप भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के वेबसाइट से genrate कर पाएंगे।वर्चुअल आईडी को अपने जरुरत के हिसाब कई बार genrate कर सकते हैं। नया वर्चुअल आईडी को genrate करने के बाद पुराना वर्चुअल आईडी अपने आप ही हट जायेगा। इस सिस्टम को 1 मार्च 2018 से लागु किया जायेगा।

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How does it work?

वर्चुअल आईडी आधार कार्ड से लिंक होगा। जब हमें किसी सेवाओं को प्राप्त करना हो तब हम आधार नंबर की जगह वर्चुअल आईडी 16 अंको का देंगे जिसे सत्यापित करने वाली कम्पनी (जिस कंपनी से सेवाएँ ले रहे हैं ) अपने सिस्टम में दर्ज करेगी इसके बाद यूआडीएआई कंपनी को टोकन देगी जिसके अंतर्गत वह कंपनी सिमित जानकारी ही हासिल कर पायेगी। इस तरह से वर्चुअल आईडी कार्य करेगा।

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अगर आप के मन में Virtual ID से सम्बंधित कोई भी प्रश्न हो तो कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूँ की आप भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा पेश किये गए वर्चुअल आईडी के बारे में जान गए होंगे अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो सोशल मीडिया में शेयर जरुर करें।

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